This post was done by my late Uncle on the city of Mumbai, my city. I had an urge to include this in my blog.
दर्द को इस कदर सहने की आदत हो गयी है
बम के धमाके एक आम बात हो गयी है
लोग यूही मर जाते है वारदातों में
मौत के बिच जीने की आदत हो गयी है
रईस यहाँ कब बाज़ आये है
जशन मनाने से
गरीबों को पसीना बहाने की आदत हो गयी है
महंगाई ने कमर तोड़ कर रख दी, मेवरिक
आम आदमी को कम खाने की आदत हो गयी है
पीने के लिए पानी कम मिले तो क्या
शराब में होश गवाने की आदत हो गयी है
चुनके लाते है जिन लीडरों को ये
उनके झूटे वादों की आदत हो गयी है.

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